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जस्टिस कुरियन बोले ''कानून के जानकार की चुप्पी अनपढ़ की हिंसा के मुकाबले ज्यादा नुकसानदेह ''

Written by कार्यालय,बैस्ट रिपोर्टर न्यूज,जयपुर। समाचार डेस्क प्रभारी—2-पी.सी.योगी on . Posted in मुख्य समाचार

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस कुरियन जोसेफ ने विदाई के दिन कहा कि जजों को महत्वपूर्ण सामाजिक-राजनीतिक मसलों पर निर्णय करते वक्त देश की विविधता को ध्यान में रखना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट से गुरुवार को रिटायर हुए जस्टिस जोसेफ ने अपने विदाई समारोह में कहा, ‘यह बहुत विविधता वाला देश है। यहां की संस्कृति, धर्म, भाषा में विविधता है। यह देश संविधान से बंधा हुआ है। यह संविधान ही हम सबको एकजुट रखता है।’ जस्टिस जोसेफ ने कहा, ‘कानून के जानकार की चुप्पी अनपढ़ की हिंसा के मुकाबले ज्यादा नुकसान कर सकती है।’

कानून के प्रति संवेदनशील रुख के कारण लोकप्रिय थे जस्टिस जोसेफ 

कानून के प्रति अपने संवेदनशील रुख के चलते बार और बेंच के बीच लोकप्रिय रहे जस्टिस जोसेफ ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए मीडिया और जजों को सतर्क रहना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘मीडिया और अदालतें लोकतंत्र के प्रहरी हैं।’ जस्टिस जोसेफ उन चार जजों में शामिल थे, जिन्होंने जज लोया केस सहित संवेदनशील मामलों को पिछले चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के कार्यकाल के दौरान जजों को आवंटित करने के तौरतरीकों के विरोध में प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी।

गुड फ्राइडे को वर्किंग डे घोषित करने के खिलाफ लिखा था पत्र

उनके साथ जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस जे चेलामेश्वर और जस्टिस मदन बी लोकुर भी थे। जस्टिस गोगोई अब देश के मुख्य न्यायाधीश हैं। जस्टिस जोसेफ ने तब भी सख्त ऐतराज जताया था, जब उन्हें लगा कि सरकार गुड फ्राइडे को वर्किंग डे घोषित कर अल्पसंख्यकों की उपेक्षा कर रही है। तब उन्होंने प्रधानमंत्री और तत्कालीन चीफ जस्टिस को इस मुद्दे पर पत्र लिखा था।

चीफ जस्टिस बोले, आज एक अच्छे जज जा रहे हैं

गुरुवार को विदाई समारोह में चीफ जस्टिस गोगोई ने यह डर जताया कि युवा वकील जज नहीं बनना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि इसकी एक वजह यह हो सकती है कि न्यायपालिका का आभामंडल घट रहा है। उन्होंने कहा कि जस्टिस जोसेफ जैसे अच्छे जज जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि और ज्यादा जज लाए जाने की जरूरत है जिसके लिए सुप्रीम कोर्ट का कलीजियम दिन-रात काम कर रहा है। जस्टिस गोगोई ने कहा कि हायर जूडिशरी के आभामंडल के कारण ही बार के प्रतिभाशाली लोग इसकी ओर आकर्षित होते थे और वे कड़ी मेहनत करने वाले वकील होते थे, जो पैसे के मामले में त्याग करते थे। उन्होंने कहा कि बार जजों की कड़ी मेहनत और प्रतिबद्धता की समझ पैदा कर यह आभामंडल बहाल करने में मदद कर सकता है।