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कहानी हीरा कारोबारी भगोड़े मेहुल चौकसी की

Written by कार्यालय,बैस्ट रिपोर्टर न्यूज,जयपुर। समाचार डेस्क प्रभारी—1 on . Posted in ताजा खबर

हीरे के बिजनेस टाइकून से सबसे बड़े जालसाज बनने की मेहुल चौकसी की कहानी बेहद दिलचस्प है. मुंबई में पैदा हुए मेहुल चौकसी के पिता चीनू भाई चौकसी हीरे के व्यापारी थे, जिनका गीतांजलि जेम्स नाम से शोरूम की बड़ी चेन है. शुरुआत में मेहुल चौकसी अपने पिता के सरपरस्ती में हीरे का कारोबार करते रहे और 1985 में पूरा कारोबार अपने हाथों में लिया.

इस दौरान गीतांजलि का टर्नओवर करीब 50 करोड़ रुपए था. लेकिन मेहुल चौकसी का सपना था कि गीतांजलि जेम्स को दुनिया का सबसे बड़ा ब्रांड बनाया जाए. लिहाजा मेहुल चौकसी ने तेजी से डायमंड जेम्स की ज्वैलरी का बिजनेस अलग अलग ब्रांड के नाम से शुरू किया. 1990 से 2000 के बीच मेहुल चौकसी का ये कारोबार सॉलिटेयर हीरे की तरह चमचमाने लगा.

2005 तक मेहुल चौकसी ने दुनिया के अलग-अलग कोनों तक पहुंचा लिया था कारोबार
2005 आते-आते मेहुल चौकसी का ये कारोबार पूरी दुनिया के 4000 अलग अलग हिस्सों में फैल गया. 2006 में गीतांजलि ने सैम्युल ज्वैलर्स यूएस की कंपनी से करार कर लिया और अमेरिका के 111 बड़े स्टोर्स में अपनी जगह बना ली, इस कारोबार में नीरव मोदी पहले से ही शामिल था और मुंबई में उसका अच्छा दबदबा था.

इसके बाद मेहुल चौकसी ने नीरव मोदी के साथ पार्टनरशिप कर स्टेलर डायमंड, डायमंड आर और सोलर एक्सपोर्टर्स कंपनी में पार्टनशिप कर ली. मेहुल चौकसी की चाहत थी कि वह कम वक्त में ज्यादा पैसा कमा ले. इसके लिए मेहुल ने डायमंड के इस बिजनेस में हीरे की गुणवत्ता के साथ समझौता शुरू कर दिया और अलग अलग बैंक खातों में लाखों रुपए का अवैध ट्रांजेक्शन किया जाने लगा.

एजेंसियो की जांच में ये भी पता लगा कि वो डायमंड और डायमंड ज्वैलरी 70 से 80 फीसदी के प्रॉफिट पर बेचता था लेकिन 2016, 2017 में मेहुल चौकसी की कंपनी गीतांजलि ग्रुप को नुकसान होना शुरू हो गया जिसके बाद मेहुल चौकसी और नीरव मोदी ने मिलकर पंजाब नेशनल बैंक मुंबई से साजिश के तहत बड़ा घोटाला किया.

मेहुल चौकसी और नीरव मोदी ने करीब 13500 करोड़ रुपए पंजाब नेशनल बैंक से फ्रॉड करके हासिल कर लिए. इसके अलावा मेहुल चौकसी ने और बैंकों से भी करोड़ों रुपयों का फ्रॉड किया और इसके बाद मेहुल चौकसी ने एंटीगा और बरमूडा देश की नागरिकता हासिल करने की कोशिश शुरू कर दी और 2018 में मेहुल चौकसी सबसे पहले अमेरिका भाग गया.

इस बीच सीबीआई ने 29 जनवरी 2018 को मेहुल चौकसी और नीरव मोदी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी. 2018 में ही मुम्बई की अदालत ने मेहुल के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था. भारतीय एजेंसियो ने इस दौरान अमेरिका के अथॉरिटी से मेहुल चौकसी के प्रत्यपर्ण की कोशिशें भी की. लेकिन इससे पहले की भारतीय एजेंसियां कामयाब हो पाती मेहुल चौकसी ने मई 2018 में एंटीगा पहुंचकर वहां की नागरिकता हासिल कर ली.

भारतीय एजेंसियो ने मेहुल चौकसी के प्रत्यपर्ण के लिए एंटीगा की कोर्ट में भी कोशिशें शुरू की थी. 23 मई को जब मेहुल चौकसी एंटीगा से क्यूबा जाना चाहता था, तब वो डॉमिनिका में गिरफ्तार कर लिया गया. अब भारतीय एजेंसियो की कोर्ट में कोशिश है कि मेहुल को सीधा भारत डिपोर्ट कर दिया जाए. अब देखना है आज डॉमिनिका की अदालत में क्या फैसला आता है. हालांकि कोर्ट का फैसला अगर मेहुल के खिलाफ भी आता है तो भी मेहुल की लीगल टीम के पास आगे भी कानूनी लड़ाई के रास्ते बचेंगे.