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मणिपाल हाॅस्पिटल जयपुर को मिली लीवर ट्रांसप्लांट करने का लाइसेंस

Written by कार्यालय,बैस्ट रिपोर्टर न्यूज,जयपुर। समाचार डेस्क प्रभारी—1 on . Posted in प्रेस कॉन्फ्रेंस/प्रेस नोट समाचार

बैस्ट रिपोर्टर न्यूज,जयपुर (आशा पटेल)।  मणिपाल हाॅस्पिटल, जयपुर, मल्टी-स्पेशियलिटी चिकित्सकीय सेवाओं से युक्त है। जिसको अपने परिसर में लीवर ट्रांसप्लांट्स और हेपाटो पैनक्रिएटो बिलयरी सर्जरी करने के लिए सरकार के द्वारा लाइसेंस प्रदान किया गया है। उल्लेखनीय  है कि लीवर ट्रांसप्लांट विभाग अत्याधुनिक बुनियादी ढांचे से सुसज्जित है और इसका उद्देश्य हेपेटोबिलयरी और अग्नाशय के रोगियों का संपूर्ण उपचार करना है। प्रेस वार्ता में प्रेस से रुबरु  होते हुए  डाॅ. शैलेंद्र लालवानी व उनकी टीम ने  बताया कि हमने  अब तक 1,500 लीवर ट्रांसप्लांट सर्जरी सफलतापूर्वक की हैं। जिसमे  विशेष कर  लीवर ट्रांसप्लांट ( केडेवर एवं लिविंग डोनर), पिडियाट्रिक लीवर ट्रांसप्लांट, हेपेटोबिलयरी और पैनक्रियास (एचपीबी) सर्जरी, एडवांस लेप्रोस्कोपिक (अपर जीआई, कोलोरेक्ट्रल और हेपेटोबिलरी) सर्जरी, पोर्टल हाइपरटेंशन सर्जरी और गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ऑन्कोसर्जरी आदि शामिल हैं। डॉ. शैलेंद्र लालवानी, जो की मूलतः राजस्थान से है और उन्होने अपनी जन्मभूमि की सेवा करने की बात कही और कहा की  “मणिपाल हाॅस्पिटल अब राजस्थान का तीसरा ऐसा हाॅस्पिटल है जो लीवर ट्रांसप्लांट की सेवाएं प्रदान करता है। पहले, मरीज ट्रांसप्लांट के लिए  पास के मेट्रो शहरों की यात्रा करते थे और इसमे उन्हें काफी रुपये खर्च करने पडते थे। अब मणिपाल हाॅस्पिटल में मरीजों को अधिक किफायती दरों पर इलाज की सुविधा मिलेगी। ” हॉस्पिटल के  डायरेक्टर श्री रंजन ठाकुर ने बताया कि  हमें  मणिपाल हॉस्पिटल जयपुर में अब लीवर प्रत्यारोपण करने के लिए लाइसेंस प्राप्त हो चुका  हैं, और इस सुविधा की शुरुआत के साथ ही हम अब राजस्थान के उन सभी हाॅस्पिटल्स में से एक हैं जहाॅ तीन तरह के प्रत्यारोपण (किडनी, बीएमटी और लीवर) होते है।  इस महामारी के दौरान मणिपाल हॉस्पिटल, जयपुर, सबसे अच्छी चिकित्सा सुविधाएं और बुनियादी ढाँचा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस कोविड-19 के समय में मणिपाल हाॅस्पिटल, जयपुर, अपनी उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं और बुनियादी ढांचे के साथ राज्य में लोगों की सेवा करने में जुटा हुआ है। डॉ. शैलेंद्र एंव टीम ने बताया कि लीवर प्रत्यारोपण से गुजरने वाले मरीजों का इलाज एक अलग वार्ड में किया जाएगा और इसमें शामिल हर नर्स और डॉक्टर सभी आवश्यक कोविड  प्रोटोकॉल और मानदंडों का पालन करेंगे, जिससे पूरी सुरक्षा सुनिश्चित होगी। उन्होंने बताया कि हमारे विशेषज्ञों की टीम में  डॉ. ललित सहगल, विशेषज्ञ लिवर ट्रांसप्लांट एनेस्थीसिया, लीवर क्रिटिकल केयर, डॉ. मोनिका गुप्ता, विशेषज्ञ गैस्ट्रो सर्जरी डॉ. राकेश यादव, विशेषज्ञ गैस्ट्रो सर्जरी डॉ. शंकर लाल जाट, विशेषज्ञ मेडिकल गैस्ट्रो और डॉ. रोहित सुरेका विशेषज्ञ मेडिकल गैस्ट्रो आदि विशेषज्ञ  हैं।