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कोरोना के भय को भुलाकर,ज्ञान का दीपक जलाएँ,स्वयं व देश दोनों को स्वस्थ बनाएं

Written by स्वत्वाधिकारी,बैस्ट रिपोर्टर न्यूज,जयपुर on . Posted in विशेष संपादकीय आलेख

कोरोना के भय को भुलाकर,ज्ञान का दीपक जलाएँ,स्वयं व देश दोनों को स्वस्थ बनाएं

देशभर में लोग भयभीत हैं, सारी बीमारियां भूलकर लोग कोरोना—कोरोना और सिर्फ कोरोना की बातें सुनकर सहमें हुए हैं। लोग कोरोना से कम और हमारे देश के स्वास्थ्य ढांचे की कुव्यवस्था से अधिक डरे हुए हैं। हर जगह लूट व अफरा तफरी का आलम है । इस लूट व अफरा तफरी के आलम में मैं आपको कुछ सुझाव व मार्गदर्शन देना चाह रहा हूँ। यद्पि मैं एक डॉक्टर नहीं हूँ परन्तु पत्रकारिता के कारण सम्पर्क में आए अनेक डॉक्टरों एवं विशेषज्ञों से प्राप्त ज्ञान के आधार पर इस संकट की घड़ी में आपका मार्गदर्शन करके मैं अपना कर्तव्य निभाना चाहता हूँ और इसी इच्छा से मैं यह पोस्ट लिख रहा हूँ। उम्मीद है यह पोस्ट आपके लिए 99.99 प्रतिशत उपयोगी होगी ।

कोरोना जैसे लक्षण होने पर या कोरोना पॉजिटिव होने पर अपनाया जाने वाला घरेलू एवं बेहद विश्वसनीय ईलाज———

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1. DIP Dite अर्थात् ( Disciplined and intelligent People Dite ) लें ।

Day-1......

मरीज का वजन ÷ 10 के बराबर गिलास नारियल पानी एवं मौसमी या पाइनएप्पल जूस। उदाहरण के लिए य

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जनता ध्यान दे एवं सरकारें जवाब

Written by स्वत्वाधिकारी,बैस्ट रिपोर्टर न्यूज,जयपुर on . Posted in विशेष संपादकीय आलेख

जनता ध्यान दे एवं सरकारें जवाब

क्या ????????


1. देश से भारी मात्रा में करीब 90 हजार मैट्रिक टन आक्सीजन देश से बाहर एक्सपोर्ट करके आक्सीजन की कृत्रिम कमी पैदा की गई, लाशों के अम्बार लगने पर पुन: देशहित में करीब 6 गुना कीमतों पर आक्सीजन इम्पोर्ट की गई, एक एक सांस को तड़पते मरीजों के परिजनों से आक्सीजन के नाम पर लूट मचाई जा रही है, इस लूट में लगभग सभी शामिल हैं,क्या नेता,क्या डॉक्टर,क्या अस्पताल,क्या मेडिकल माफिया,क्या मीडिया और क्या फॉर्मा ।

2. रेमडेसीमीर को अनावश्यक लूट की मंशा से जीवन रक्षक प्रचारित किया गया तथा इसकी भी कृत्रिम कमी पैदा कर लाचार मरीजों के परिजनों से एक—एक इंजेक्शन के 60—60 हजार रूपये वसूले गए हैं,वसूले जा रहे हैं और शायद वसूले जाते रहेगें जबकि एक साल पहले ही स्वयं डब्ल्यूएचओ ये कह चुका है कि कोविड—19 के इलाज में इस इंजेक्शन की कोई उपयोगिता ही नहीं है। इसे लेने वाले 90 प्रतिशत लोग शमशान पहुँच गए एवं जो 10 प्रतिशत बच गए वो गम्भीर साईड इफेक्ट्स से जूझते रहते हैं।

3. भारी जुर्माने व बीमारी का डर दिखाकर लोगों को नाक पर मास्क लगाकर अपनी सांस स्वयं ही

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'राजनीति' देश व समाज की अपरिहार्य आवश्यकता है

Written by अनिल यादव,सम्पादक,बैस्ट रिपोर्टर न्यूज,जयपुर on . Posted in विशेष संपादकीय आलेख

'राजनीति' देश व समाज की अपरिहार्य आवश्यकता है

''आप'राजनीति'कर रहे हैं,मत करो। विद्यार्थी राजनीति कर रहे हैं,मत करो। किसान राजनीति कर रहे हैं,मत करो'' आपने इस प्रकार की सलाह अक्सर सुनी होगी। इस सलाह को देने का तरीका कुछ इस प्रकार का होता है जिससे लगता है कि कुछ लोगों को छोड़कर यदि कोई भी व्यक्ति राजनीति कर रहा है तो वो गलत कर रहा है,उसे राजनीति करने का कोई हक नहीं है,राजनीति करके कोई पाप कर दिया है।

हमारी नज़र में 'राजनीति' देश व समाज की अपरिहार्य आवश्यकता है। समस्या 'राजनीति' नहीं है,समस्या है राजनीति शब्द का अर्थ। मेरे दृष्टिकोण में राजनीति शब्द के तीन अर्थ हैं

1. राज नीति ।

2. राज़ नीति !

3. राज्य नीति ।

नीचे बारी—बारी से राजनीति शब्द के इन तीनों अर्थों पर प्रकाश डालने का प्रयास किया गया है,आपकी राय का स्वागत रहेगा।

1. राजनीति शब्द का पहला अर्थ होता है— 'राज नीति '। यानी येन केन प्रकारेण जनता पर राज करने की योजना यानी साम्—दाम—दण्ड—भेद किसी भी प्रकार से जनता पर राज कायम रखने का हर सम्भव प्रयास राज नीति कहा जा सकता है पिछले कुछ दशकों से अधिकांश लोग राजनीति शब्द का प्रयोग मुख

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बिना विचारे मतदान को मजबूर मतदाता,चुनाव आयोग बदल सकता है स्थिति

Written by अनिल यादव,सम्पादक,बैस्ट रिपोर्टर न्यूज,जयपुर on . Posted in विशेष संपादकीय आलेख

बिना विचारे मतदान को मजबूर मतदाता,चुनाव आयोग बदल सकता है स्थिति

राजस्थान विधानसभा चुनाव—2018 से संबंधित निम्न तिथियों पर जरा ध्यान दीजिए——

———6 अक्टूबर 2018 को चुनाव की घोषणा।
———12 नवम्बर को चुनाव अधिसूचना।
———19 नवम्बर को नामांकन की अंतिम तिथि,
———22 नवंबर का नाम वापसी की अंतिम तिथि,
———7 दिसम्बर को मतदान और
———11 दिसम्बर को मतगणना व परिणाम घोषणा।

चुनाव कोई सा भी हो चुनाव प्रक्रिया का सम्पूर्ण समय व तिथियों का अंतर कमोबेश इतना ही रहता है। नामांकन वापसी के अंतिम तिथि के अगले दिन जनता के सामने यह स्पष्ट हो पाता है कि आखिर उनके प्रत्याशी होंगें कौन? बड़े बड़े दावों के साथ सेवाभाव का दावा करने वाले अचानक अवतरित हुए इन प्रत्याशियों में अधिकांश प्रत्याशी वे होते हैं जिनको जानना तो बहुत दूर की बात है,क्षेत्र की जनता ने कभी उनका नाम भी नहीं सुना होता है। बड़े दल भी अपने फाइनल प्रत्याशी अंत तक ही घोषित करते हैं। इसके बाद अगले 15 दिन तक शोर चलता है क्षेत्र में ताबड़तोड़ प्रचार व अनाप—शनाप वादों का। आम तौर पर एक विधानसभा क्षेत्र में करीब 175 से 200 बूथ होते हैं,यानी प्रत्याशी का लक्ष्य हुआ 15 दिन 200 बूथ पर

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महिलाओं से जुड़े अपराध की सामान्य पड़ताल

Written by कार्यालय,बैस्ट रिपोर्टर न्यूज,जयपुर। समाचार डेस्क प्रभारी—1 on . Posted in विशेष संपादकीय आलेख

महिलाओं से जुड़े अपराध की सामान्य पड़ताल

देशभर से मासूम बच्चियों और महिलाओं के साथ बलात्कार, हत्या, एसिड फेंकने जैसी घटनाएं लगभग रोज पढ़ने को मिल जाती हैं। बलात्कार के पहलुओं पर गौर करें तो कुछ प्रमुख कारण सामने आते हैं-

1. फैलता नशा :

नशा आदमी की सोच को विकृत कर देता है। उसका स्वयं पर नियंत्रण नहीं रहता और उसके गलत दिशा में बहकने की संभावनाएं शत-प्रतिशत बढ़ जाती है। ऐसे में कोई भी स्त्री उसे मात्र शिकार ही नजर आती है। और इसी नशे की वजह से दामिनी और गुडिया शिकार हुई थीं। अभी तक की सारी रिपोर्ट देखी जाएं तो 85 प्रतिशत मामलों में नशा ही प्रमुख कारण रहा है। हमारे देश में नशा ऐसे बिक रहा है जैसे मंदिरों में प्रसाद। आपको हर एक किलोमीटर में मंदिर मिले ना मिले पर शराब की दुकान जरूर मिल जाएगी। और शाम को तो लोग शराब की दुकान की ऐसी परिक्रमा लगाते हैं कि अगर वो ना मिली तो प्राण ही सूख जाएंगे।

2. पुरुषों की मानसिक दुर्बलता :

स्त्री देह को लेकर बने सस्ते चुटकुलों से लेकर चौराहों पर होने वाली छिछोरी गपशप तक और इंटरनेट पर परोसे जाने वाले घटिया फोटो से लेकर हल्के बेहूदा कमेंट तक में अधिकतर